Search Engine in Hindi- Search Engine क्या है? What is Search Engine in Hindi?

Search engine in hindi

Digital marketing का एक बहुत अहम तरीका Search engine optimization है.

Search engine optimization अपने आप में एक बहुत बड़ी फील्ड है, जिसे मास्टर करने में काफी ज्यादा समय लग सकता है. Onpage SEO, Offpage SEO, Local SEO ऐसे कई तरह के optimization के तरीके हैं जिससे हम सर्च इंजन(search engine in hindi) में अपनी website या business कोरेन करवा सकते हैं.

पर जब बात आती है SEO सिखने की, तब काफी लोगो के दिमाग में ये सवाल ज़रूर आता है की Search Engine होता क्या है और ये काम कैसे करता है?

Digital marketing सीरीज के इस पोस्ट में हम देखेंगे की किसी भी webpage को SERP(Search engine results page) में दिखाने के पीछे क्या क्या process होती है. तो चलिए शुरू करते है.

Search Engine क्या है? -[What is Search Engine in Hindi?]

Search engine एक ऐसी software service है जो internet users को World Wide Web(WWW) के ज़रिये answers देता है. Users search engine में कोई भी keyword या सवाल पूछते है, जिसका जवाब search engines अपने database में से ढूंढकर, users को website, page, image या मीडिया के ज़रिये देता है. Search engines एक लिस्ट के फॉर्मेट में जवाब देते है, जिसे Search Engine Results Page(SERP) कहते है.

Search engine कैसे काम करता है? -[How search engine works in Hindi]

Internet पर Search engine कैसे काम करता है यह समझने के लिए हमें देखना होगा कि सर्च इंजन काम कैसे करता है और हमें results कैसे दिखते हैं, वह भी इतनी तेजी से!

Search engine के 3 ज़रूरी काम होते है:

  1. Crawling
  2. Indexing
  3. Ranking web pages and web files.

1. Crawling:

मान लीजिये की internet की दुनिया(www- world wide web) एक बहुत बड़ी पुस्तक संग्राहलय (library) है जिसमे हज़ारो files, folder, documents, और किताबे अवेलेबल है.

इस library काफी departments है जहां अलग-अलग किताबें और folders रखे हुए हैं. ऐसे में search engine के लिए पूरी लाइब्रेरी को crawl करना थोड़ा मुश्किल है, पर ऐसा आसानी से करने के लिए सबसे सही तरीका है link को फॉलो करना.

Crawl का मतलब है links को अच्छी तरह से ढूंढना, टटोलना और उस information(jaankari) को पूरा समझना. यूं समझ लीजिए कि crawling का मतलब होता है इंफॉर्मेशन को पढ़ना और पढ़ कर उसे समझना.

इंटरनेट का link structure सभी web pages को एक साथ बांधकर रखता है.

सर्च इंजन webpages को crawl करने के लिए crawlers का इस्तेमाल करते हैं. Crawlers को “spiders” या crawler bots भी कहा जाता है.

यह bots काफी तेजी से webpages को crawl करते हैं और कुछ ही सेकंड में हजारों pages को पढ़ कर backend processing के लिए प्रोसेस कर सकते हैं.

जैसे ही crawler bots इंटरनेट पर कोई नई link या webpage ढूंढ लेते हैं, उसको समझ कर अलग अलग स्टोरेज डेटाबेस में सेव कर लेते हैं, ताकि जब भी कोई user सर्च करे तब bots उन्हें रिजल्ट दिखा सके.

क्योंकि इंटरनेट पर करोड़ों बातों की इंफॉर्मेशन स्टोर करके रखनी पड़ती है और कुछ ही सेकंड में display भी होनी चाहिए जब भी कोई सर्च करता है, इसलिए सर्च इंजन कंपनी ने दुनिया भर में काफी data centers बनाकर रखें हैं.

इन डाटा सेंटर्स में काफी सारी मशीन प्रोसेसिंग सिस्टम का इस्तेमाल होता है, ताकि user इनफॉरमेशन को तुरंत एक्सेस कर पाएं. search engine के लिए सर्च रिजल्ट्स की स्पीड मेंटेन रखना काफी जरूरी है, क्योंकि कुछ सेकेंड्स की भी दे रही से लोग नाराज हो सकते हैं या वह किसी और सर्च इंजन पर जा सकते हैं.

2. Indexing:

Indexing का मतलब है information  को एक organized(disciplined) तरीके में लगाना.

जब भी crawler bots किसी webpage  को ढूंढते हैं, search engines सारे webpages, images  को स्टोर करके रखता है. जब कोई user कोई search query ढूंढता है,  तब search engines keywords, Meta tags, इत्यादि. के अनुसार results  दिखाते हैं. Google indexing करने में location और keywords को खास अहमियत देते हैं. 

इन सबको SERP’s मे दीखाने के लिए search engines बहुत सारे factors देखते हैं जैसे meta tags, index/no-index, Robots.txt और भी काफी factors जो हम आगे समझेंगे.

3. Ranking web pages and web files.

अभी तक हमने देखा कि search engines answer machines है. आप उनसे कुछ भी सवाल पूछिए अगर तुरंत आपको search results दिखाएंगे. जब भी user search engines मैं कोई search query डालता है, तब search engines तुरंत अपने data centres मैं जवाब ढूंढना चालू कर देता है. ऐसा करते समय, search engines दो चीजों पर ध्यान देते हैं:

1. जो answer top position पर रहेगा, क्या वह user के सवाल से relevant है?
2. क्या यह answer इंटरनेट पर users के सवालों का जवाब देने में popular है?

Relevance और popularity दो ऐसे factors हैं, जिस पर SEO सबसे ज्यादा निर्भर करता है.

चलिए जानते हैं कि सर्च इंजंस relevancy और popularity को कैसे समझता है?

रेलीवेंसी का मतलब सिर्फ कीवर्ड्स मैच करना नहीं है. पहले की बात और थी जब search engines सिर्फ keywords देख कर वहीं रिजल्ट्स दिखाते थे जिसमें व्हाट्स मैच करते हो.

धीरे धीरे search algorithms मैं सुधार होने लगी. Developers और engineers सर्च इंजन को users को वैल्यू प्रोवाइड करने के हिसाब से बनाने लगे. आज relevancy के काफी सारे फैक्टर है, जो सर्च इंजन रैंकिंग्स के लिए जरूरी है.

Search engine ऐसा समझ कर चलते हैं कि जो page, website, image या video सबसे ज्यादा पॉपुलर है वह जरूर users के लिए valuable होता होगा. और यह अनुमान काफी हद तक सही भी है क्योंकि अब users को 1st position पर valuable कंटेंट मिलता है.

Webpage की popularity और relevancy काफी सारे mathematical algorithms तय करते हैं. इसे machine learning भी कहा जाता है. इससे ही सबसे अच्छा और valuable content सर्च इंजन सबसे में ऊपर अपनी जगह बना पाता है.

ऐसे काफी सारे algorithms है जो ranking डिसाइड करते हैं. इन algorithms को हम आसान भाषा में ranking factors कहते हैं.

आशा करता हूं कि आप अब तक समझ चुके होंगे कि Search engine क्या है? What is search engine in hindi, crawling क्या है और indexing क्या है और यह सब कैसे काम करता है.

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